स.पा राज में अखिलेश की भाभी अपर्णा यादव के NGO को मिला उ.प्र.गोशाला ग्रांट का (8.35Cr) 86.4% हिस्सा

स.पा राज में अखिलेश की भाभी अपर्णा यादव के NGO को मिला उ.प्र.गोशाला ग्रांट का (8.35Cr) 86.4% हिस्सा

सपा राज में अखिलेश की भाभी अपर्णा यादव के NGO को मिला उ.प्र.गोशाला ग्रांट का (8.35Cr) 86.4% हिस्सा

जैसे जैसे स.पा के राज को गये समय बीतता जा रहा है उसी तरह सपा शासनकाल की अनेक भाई भतीजावाद वाली नीतियाँ समाने आ रही है.

इतने बड़े प्रदेश में केवल एक ही ngo को पुरे राज्य की स्वीकृत राशी का 85% से अधिक का मिलना वो भी कुनवे के ही व्यक्ति को, किसी के भी समझ में आसानी से आ सकता है कि कुछ तो कारण रहे होंगें ऐसा होने के.

समाजवादी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के जीव आचार्य एनजीओ को उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के द्वारा दिए जाने वाले अनुदान का 86.4 प्रतिशत हिस्सा दिया गया। यह एनजीओ राजधानी लखनऊ में अमौसी के निकट कान्हा उपवन गौशाला को चलाता है, जिसका मालिकाना हक लखनऊ नगर निगम के पास है।

यह जानकारी गोसेवा आयोग के पीआईओ संजय यादव के द्वारा दिए गए एक RTI के जवाब से सामने आई। सूचना के अनुसार 2012 से 2017 तक के पांच साल के दौरान आयोग ने 9 करोड़ 66 लाख रुपए का कुल अनुदान जारी किया, जिसमें से 8 करोड़ 35 लाख रुपए तो केवल अपर्णा यादव के जीव आश्रय एनजीओ को ही दिया गया।

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वित्त वर्ष 2012-13, 2013-14, 2014-15 के दौरान जीव आश्रय को क्रमश: 50 लाख रुपए, 1 करोड़ 25 लाख रुपए और 1 करोड़ 41 लाख रुपए का अनुदान दिया गया। इसके बाद 2015-16 में अपर्णा यादव के एनजीओ को 2 करोड़ 58 लाख रुपए तथा 2016-17 में 2 करोड़ 55 लाख रुपए का ग्रांट दिया गया।

वर्तमान सत्र 2017-18 में आयोग की तरफ से विभिन्न गौशालाओं को 1 करोड़ 5 लाख रुपए दिए गए, लेकिन जीव आश्रय को कुछ नहीं मिला। ललितपुर के दयोदया गोशाला को सबसे अधिक 63 लाख रुपए मिले।

RTI ऐक्टिविस्ट नूतन ठाकुर के अनुसार, ‘समाजवादी सरकार के शासन काल में 80 प्रतिशत से अधिक का आर्थिक अनुदान एक विशेष एनजीओ को दिया गया। यह बड़े पैमाने पर हुए राजनीतिक पक्षपात और भाई-भतीजावाद का उदाहरण ही है।’

बाकी आगे आगे देखते हैं की परत दर परत क्या निकल कर आता है.

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