45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगा

45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगा

45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगा

गोचरान भूमि को मुक्त कराने की मांग को लेकर 45 दिन से अनशन पर चल रहे संत गोपालदास ने साफ कहा है कि जब तक उनकी आखिरी सांस चलेगी तब तक अनशन जारी रहेगा। संत को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया है। जहां उनका उपचार चल रहा है।

संत ने अस्पताल से ही संदेश देकर स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई गाय, गरीब, गोचरान भूमि के लिए है और जब तक इसमें सफलता नहीं मिलेगी तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। वहीं शनिवार को संत से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भी नेताओं व गोभक्तों का मिलना जारी रहा।

बता दें कि संत गोपालदास को गत दिवस रोहतक पीजीआइएमएस से दिल्ली के एम्स के लिए रेफर किया गया था। संत के समर्थकों का आरोप है कि किसी दबाव के चलते एम्स में संत को दाखिल नहीं किया गया। जिसके बाद उनको दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दाखिल कराया गया।

45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगागौरतलब है, संत गोपालदास ने गोचरान भूमि मुक्त कराने सहित कई अन्य मांगों को लेकर मानसरोवर पार्क में 45 दिन पहले आमरण अनशन शुरू कर दिया। संत को मनाने के लिए सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, हरियाणा गो-सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी प्रयास कर चुके हैं, लेकिन वह अपनी मांगों पर लिखित में आश्वासन चाहते हैं।

अनशन के दौरान प्रशासन की तरफ से कई बार उनको पीजीआइ में भर्ती कराया, एक बार एम्स भी ले गए। मगर संत मौका मिलते ही फिर रोहतक के मानसरोवर पार्क में पहुंच गए। प्रशासन ने कई दिन पहले उनको फिर से पीजीआइ के डे- केयर में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा था।

वीरवार को उनको उल्टी आने लगी और शरीर कंपकंपाना शुरू हो गया। ग्लूकोज में दी जा रही दवा भी कोई खास असर नहीं कर रही, जिसके कारण रिकवरी बंद हो गई है। ऐसे में उनको एम्स भेजने का निर्णय लिया गया।

संत की गौचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन व सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करवाने की मांग पर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। हालांकि, सरकार पक्ष द्वारा संत को मनाने का प्रयास लगातार जारी रहा। बैठक में संत गोपालदास की ओर से 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सहित गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला, बाबा कर्णपुरी महाराज व कृष्णानंद महाराज मौजूद रहे।

45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगासंत गोपालदास का प्रतिनिधि मंडल बैठक के दौरान भी लगातार संत से संपर्क में रहा। बैठक की शुरूआत में मंत्री मनीष ग्रोवर के गौचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की मांग से इंकार करने से मामला तुरंत बिगड़ गया। इस पर संत का प्रतिनिधिमंडल बैठक को बीच में छोड़कर बाहर आ गया।

इसके बाद दोपहर बुलाए जाने पर गौचरान भूमि विकास बोर्ड के गठन की बात पर सहमति बनी। मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि मैं प्रैस कांफ्रैंस कर इस बात की पुष्टि कर देता हूं लेकिन, इस पर संत समर्थकों ने साफ शब्दों में कहा कि अब आश्वासन पर अनशन समाप्त होने की कोई गुंजाइश नहीं है।

चंडीगढ़ से सी.एम. प्रैस कांफ्रैंस करें व साथ में लिखित में दिया जाए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड का गठन होगा। देर शाम तक संत समाज व सरकार द्वारा संत गोपालदास के अनशन को समाप्त करवाने का प्रयास किया जाता रहा लेकिन संत ने गाय की हालात सुधरने की दिशा में उठाए कदम को किसी आश्वासन पर अनशन समाप्त न करने की बात ही दोहाराई।

45 दिन से अनशन पर बैठे संत की हालत नाजुक, कहा आश्वासन नहीं, लिखित में चाहिए कब तक गौचरान भूमि विकास बोर्ड बनेगा

हाल ही में शेर-ए-हिन्द सुंदर मुनि जी महाराज ने राज्य सरकार को चेताया कि राज हठ पर संत हठ भारी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि गेंद सरकार के पाले में है, अगर रविवार की शाम तक गौचरान विकास बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है, तो संत गोपाल दास मंगलवार को भगवनश्री राम प्रसाद जी महाराज के संथारा दिवस पर गोहाना में ही अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं।

बाकी संत गोपाल दास के लगातार गिरते स्तर को लेकर पहली बार सरकार के हाथ पांव फूलते नजर आ रहें हैं।

Follow us on facebook -