बेपर्दा बॉलीवुड : यहाँ रेप नहीं होता, लड़कियां करती हैं कम्प्रोमाइज

” फिल्म इंडस्ट्री में कभी रेप नहीं होता है, बल्कि आजकल लड़कियां खुलकर कम्प्रोमाइज कर रही हैं। जिसे कास्टिंग काउच में जाना है तो वो जाएगा, मगर इस तरह कोई भी तरक्की नहीं कर सकता। फिल्मों में रिश्वत नहीं चलती है। ”

ये सब कहना है निकाह और बागवान जैसी कई हिट फिल्मों की स्क्रिr‍प्टर लिख चुकी लेखिका और साहित्यकार डॉ. अचला नागर का, जो शुक्रवार को एक वर्कशॉप में शामिल होने आगरा पहुंचीं थी।

इस दौरान डॉ. नागर ने कहा कि आजकल लड़किया खुद एक कमोडिटी बन गई हैं। और खुलकर कम्प्रोमाइज कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि उनसे भी मुंबई में निर्देशक कहते थे कि – ” अचला 9 बजे आ जाओ, जो लिखा हो वो सुनाओ। ”

तब वो सीधे मना नहीं करती थी, बल्कि कहती थी कि आप दिनभर शूटिंग के बाद थके-हारे सुनेंगे तो मजा नहीं आएगा।

जिसके बाद वह उन्हें किसी छुट्टी का दिन रखने को कहती थी। और कहती थी कि – ” आराम से दोपहर में आती हूं ” और बात टल जाती थी।

डॉ नागर ने कहा कि उन्हें खुशी होती है कि उनकी लिखी कहानियों की फिल्मों के सीन आज चैनलों पर दिखाए जा रहे हैं।

डॉ. नागर का कहना है कि उन्होने पैंतीस साल पहले ही निकाह में लिख दिया था कि औरत, पुरुष की परछाई नहीं है।

फिल्मों में डबल मीनिंग और अश्लीलता पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि – ” मैं बोल्ड लिख सकती हूं, मगर अश्लील नहीं लिख पाऊंगी। “

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